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28 फरवरी- हरियाणा
सरकार द्वारा चलाई जा रही पिछड़ा क्षेत्र विकास निधि योजना
के तहत सिरसा जिला के 146 स्वास्थ्य सब सेंटरों और डिलीवरी
हट में एक करोड़ 11 लाख 80 हजार रुपए की राशि खर्च करके
नियोनेटल कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। यहां नवजात शिशुओं को
स्वास्थ्य से संबंधित सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई
जा रही है।
विभाग के
प्रवक्ता ने बताया कि इन स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित
नियोनेटल कॉर्नर के उपकरणांे में वार्मर सैक्सन मशीन और
बच्चों को जरूरत पड़ने पर कृत्रिम सांस दिलाने के लिए
एम्बूबैक मशीन शामिल है। इस योजना के तहत जिला के सभी आयुष
केंद्रों में भी विभिन्न प्रकार के उपकरण उपलब्ध करवाए गए
हैं। जिला में इतने अधिक सेंटरों पर नियोनेटल कॉर्नर
उपलब्ध करवाने वाला प्रदेश का सिरसा पहला जिला है।
उन्होंने
बताया कि इस योजना के तहत जिला में अस्पतालों के लिए
विभिन्न उपकरण भी खरीदे गए हैं, विशेष रूप से स्थानीय
सिविल अस्पताल में सर्जरी से संबंधित हिस्ट्री स्कॉप व
लैपरोस्कॉप शामिल हैं। इन योजनाओं से पहले जहां जिला में
बच्चों की मृत्युदर 1000 पर 70 बच्चे प्रतिवर्ष थी अब यह
कम होकर 50 तक पहुंच गई है। योजनाओं के शुरू होने से पहले
जहां डिलीवरी हट व संस्थागत डिलीवरी की दर मात्रा 30
प्रतिशत थी अब जिला में 85 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है।
उन्होंने
बताया कि जिले सामान्य अस्पताल में नियोनेटल केयर यूनिट भी
स्थापित की जा रही है, जिसके लिए सभी प्रकार के उपकरण खरीद
लिए गए हैं और डॉक्टरों व अन्य स्टॉफ की भी नियुक्ति कर ली
गई है। 20 नए जन्मे बच्चों को एकदम स्वास्थ्य सुविधाएं
प्रदान करने वाली नियोनेटल केयर यूनिट होगी। इस यूनिट के
लिए सभी प्रकार के आधुनिक उपकरण खरीदे गए हैं।
प्रवक्ता
ने बताया कि सामान्य अस्पताल में नए जन्मे बच्चों के लिए
20 बैड रखे जाएंगे, जिनमें इन्क्यूबेटर, रैस्पीरेटर, गर्म
बैड, आक्सीजन सिलैण्डर, फोटोथैरेपी, एम्बुबैग, लैरिगोस्कोप
के साथ-साथ अन्य प्रकार के आधुनिक उपकरण खरीदे गए हैं जो
नए जन्मे बच्चे को स्वस्थ रखने में सहायक होंगे। सभी वर्गों
के स्टाफ को स्नातकोत्तर संस्थान रोहतक में प्रशिक्षण
दिलवाया गया है। इनमें सामान्य अस्पताल के एक शिशु रोग
विशेषज्ञ, चार सामान्य डॉक्टर तथा 10-10 स्टाफ नर्सो को
प्रशिक्षण दिलवाया गया है।
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